सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना
उद्देश्यः
(क) प्राथमिक उद्देश्यः-
ग्रामीण क्षेत्रो में श्रम रोजगार के इच्छुक परिवारों के सदस्यों के लिए
अतिरिक्त श्रम रोजहार रे द्वारा खाद्य सुरक्षा तथा पौष्टिक स्तर में सुधार
करना।
(ख) गौण उद्देश्यः-
ग्रामीण क्षेत्र में स्थाई सामुदायिक, सामाजिक तथा आर्थिक सम्पत्तियों तथा
ढांचागत विकास सुविधाओं का निर्माण करना।
पात्रताः-
1. वे सभी परिवार जिन्हे अपने गांव या आसपास श्रम रोजगार की आवश्यकता है।
2. योदना के अन्तर्गत प्राथमिकता कृषी श्रमिकों, गैरकृषी अकुशल श्रमिकों,
सीमान्त किसानों, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति के सदस्यों को दी जाएगी।
सम्पूर्ण ग्राणी रोजगार योजनाः-
मजदूरी का भुगतान
योजना के अन्तर्गत मजदूरी का भुगतान अनाज तथा नकद रासि के रूप में
किया जाता है। प्रत्येक दिहाड़ी के बदले 40 रूपये की गेहूं (8 किलो 5 रूपये
प्रति किलो की दर से) तथा 40 रूपये नकद प्रदान किये जाते है।
योजना के अन्तर्गत धन तथा गेहूं का वितरणः-
1. सरकार से प्राप्त 60 प्रतिशत धनराशि तथा गेंहूं सीधे पंचायत समितियों को
जारी की जाती है।
2. 40 प्रतिशत राशि जिला स्तर पर जिला परिषद/डी.आर.डी.ए. द्वारा योदना में
खर्च की जाती है।
3. योजना के दोनों उपभागों के अनतर्गत कुल प्राप्त राशि तथा गेहूं का 22.50
प्रतिशत भाग अनुसूचित जातियों के सदस्यों के लिए व्यक्तिगत लाभ योजनों पर
खर्च किया जाता है।
सम्पुर्ण ग्रामीण रोजगार योजना-2
मजदूरी का भुगतानः-
योजना के अन्तर्गत मजदूरी का भुगतान अनाज तथा नकद राशि के रूप में
किया जाता है। प्रत्येक दिहाडी के बदले 40 रूपये की गेंहूं (8 किलो 5 रूपये
प्रति किलो की दर से) तथा 40 रूपये नकद प्रदान किये जाते है।
योजना के अन्तर्गत धन तथा गेहूं का वितरणः-
सरकार के प्राप्त समस्त धन तथा गेहूं सीधे पंचायत समितियों को दिया
जाता है, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि तथा गेहूं अनुसूचित जातियों की
बस्तियों में ढांचागत सुविधाओं के निर्माण पर खर्च किया जाता है।
कार्यः-
योजना के अन्तर्गत वे सभी कार्य करवाए जा सकते है, जिनमें स्थाई सामुदायिक
सम्पत्तियों का निर्माण हो, लेकिन योजना के अन्तर्गत श्रम आधारित कार्यों
पर बल दिया जाता है तथा पुर्णतया निर्माण सामग्री आधारित कार्य नही करवाए
जा सकते। यह भी ध्यान रखा जाता है कि कार्य टिकाऊ तथा लागत प्रभावी हो।
सम्पर्कः-
जिला ग्रामीण विकास एजेन्सी,
सोनीपत फोन 2222700, 2222701
अथवा
सम्बन्धित खण्ड विकास एवम् पंचायत अधिकारी